आज की बदलती जीवनशैली में घुटनों का दर्द एक आम समस्या बनता जा रहा है। लंबे समय तक बैठे रहना, कम चलना-फिरना और गलत तरीके से बैठने की आदतें घुटनों और जोड़ों पर बुरा असर डालती हैं। हाल के वर्षों में यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों में तेजी से बढ़ी है, खासकर घर में सीमित गतिविधियों के कारण।
गलत बैठने से कैसे बढ़ता है दर्द
हमारे रोजमर्रा के जीवन में कई बार घुटनों को मोड़कर बैठना पड़ता है। जैसे फर्श पर बैठना, पालथी मारकर बैठना या घुटनों के बल बैठकर काम करना। यह तरीका घुटनों पर अधिक दबाव डालता है। शुरुआत में इसका असर महसूस नहीं होता, लेकिन समय के साथ घुटनों की हड्डियां और जोड़ कमजोर होने लगते हैं। इससे आगे चलकर दर्द, जकड़न और चलने में परेशानी हो सकती है।
घुटनों और जोड़ों के दर्द के लक्षण
घुटनों में दर्द होने पर सीढ़ियां चढ़ना-उतरना मुश्किल हो जाता है। कुछ लोगों को चलते समय घुटनों से आवाज आने लगती है। सुबह उठते समय या लंबे समय तक बैठने के बाद घुटनों में अकड़न महसूस होती है। यह संकेत हो सकते हैं कि जोड़ों में समस्या शुरू हो चुकी है।
दर्द बढ़ने के मुख्य कारण
घुटनों के दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ज्यादा समय तक बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधि की कमी, बढ़ा हुआ वजन, धूप में कम निकलना और पोषण की कमी प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा शरीर में विटामिन डी की कमी भी हड्डियों को कमजोर करती है, जिससे जोड़ों में दर्द की संभावना बढ़ जाती है। महिलाओं में यह समस्या अपेक्षाकृत कम उम्र में शुरू हो सकती है।
घुटनों को स्वस्थ रखने के आसान उपाय
घुटनों के दर्द से बचाव के लिए रोजाना हल्का व्यायाम बहुत जरूरी है। पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले सरल अभ्यास, साइकिल चलाना और तैराकी फायदेमंद हो सकते हैं। इससे जोड़ों को सहारा मिलता है और उनका लचीलापन बना रहता है।
वजन को नियंत्रित रखना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि अधिक वजन से घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। संतुलित भोजन लें और तले-भुने व जंक फूड से दूरी बनाएं।
धूप में कुछ समय बिताना और विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी हड्डियों के लिए अच्छा होता है। बैठते समय कुर्सी का सहारा लें और बहुत देर तक एक ही स्थिति में न बैठें।
निष्कर्ष
घुटनों का दर्द अक्सर हमारी छोटी-छोटी आदतों का परिणाम होता है। सही तरीके से बैठना, नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार और वजन नियंत्रण अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। समय रहते सावधानी बरतना भविष्य में होने वाली गंभीर परेशानियों से बचा सकता है।
किसी भी बड़े आहार, जीवनशैली या दवा से जुड़े परिवर्तन से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।
वे आपकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार व्यक्तिगत सलाह प्रदान कर सकते हैं।
नोट – यदि आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी चिंता है, तो कृपया हमें +91-9058577992 पर संपर्क करें और हमारे अनुभवी डॉक्टरों से मुफ्त परामर्श प्राप्त करें। धन्यवाद।
